आप कहेंगे आप यह प्रोग्राम क्यों देखे? क्यों आप अपना कीमती समय बर्बाद करे? आपको क्या फायदा होगा?
क्या आप और आपका परिवार पूरी तरह स्वस्थ है और आपको यकिन है कि भविष्य में भी स्वस्थ रहेंगे?
क्या आपको धन एवं वैभव की जरुरत नहीं है?
आप जो भी खाते - पीते है क्या वो प्रकृति के पैमाने पर शुद्ध है? (बिना Preservation प्रिजर्वेशन एवं Pesticides पेस्टीसाईड्स का)
करीब 85% बीमारियों का कारण मानसिक तनाव है| तो क्या आप और आपका परिवार तनाव मुक्त है?
क्या आप किसी भी वस्तु की गुणवत्ता एवं जीवनकाल बढ़ा सकते है?
क्या आप जानते है? डायबिटीज के मामले में भारत विश्व की राजधानी बन चुका है?
क्या आपके परिवार में दवाई का उपयोग नहीं होता है? और अगर होता है तो क्या आप दवाई का कड़वापन एवं साइड इफेक्ट कम कर सकते है? (विशेषकर बच्चों को दिए जाने वाले सिरप जो बहुत कड़वे होते है)
क्या आप जानते है? वर्ष 2020 तक विश्व में अवसाद (Depression) दूसरी सबसे बड़ी बीमारी होगी |
क्या आप पेट्रोल और डीजल को तुलनात्मक सस्ता बना सकते है?
क्या बच्चों को शरारत के कारण आये दिन लगने वाली चोटों के दर्द से तुरंत आराम दिला सकते है?
क्या आप और आपका परिवार अपनी जीवन शैली (LIFE STYLE) से संतुष्ट है
क्या आपको धन एवं वैभव की जरुरत नहीं है?
आप जो भी खाते - पीते है क्या वो प्रकृति के पैमाने पर शुद्ध है? (बिना Preservation प्रिजर्वेशन एवं Pesticides पेस्टीसाईड्स का)
करीब 85% बीमारियों का कारण मानसिक तनाव है| तो क्या आप और आपका परिवार तनाव मुक्त है?
क्या आप किसी भी वस्तु की गुणवत्ता एवं जीवनकाल बढ़ा सकते है?
क्या आप जानते है? डायबिटीज के मामले में भारत विश्व की राजधानी बन चुका है?
क्या आपके परिवार में दवाई का उपयोग नहीं होता है? और अगर होता है तो क्या आप दवाई का कड़वापन एवं साइड इफेक्ट कम कर सकते है? (विशेषकर बच्चों को दिए जाने वाले सिरप जो बहुत कड़वे होते है)
क्या आप जानते है? वर्ष 2020 तक विश्व में अवसाद (Depression) दूसरी सबसे बड़ी बीमारी होगी |
क्या आप पेट्रोल और डीजल को तुलनात्मक सस्ता बना सकते है?
क्या बच्चों को शरारत के कारण आये दिन लगने वाली चोटों के दर्द से तुरंत आराम दिला सकते है?
क्या आप और आपका परिवार अपनी जीवन शैली (LIFE STYLE) से संतुष्ट है
क्या आपके परिवार में कोई भी मोटापे के कारण परेशान नहीं है? और वो मोटापा कम नहीं करना चाहता?
अगर उपरोक्त सभी बातों में आप सक्षम है तो बेशक यह प्रोग्राम आपके किसी काम का नहीं है
और अगर नहीं तो कृपया आप इस प्रोग्राम को ध्यान से देखिये |
आप सभी का स्वागत है|
अब हम जिस विषय में बात करेंगे वो है . . .
Health with Wealth
अगर आप स्वास्थ्य के प्रति जागरूक होंगे . . .
तो आपको बोनस के रूप में धन भी प्राप्त हो सकता है|
अतः हम आगे बढें उससे पहले . . .
SO BEFORE WE START…
Be an “EMPTY CUP” to gain maximum information from the presentation because this may be something new that you are coming across
आप अपनी सोच को रोक दीजिये, कुछ भी मत सोचिये, सिर्फ ध्यान से इस प्रोग्राम को देखिये|
प्राचीनकाल में लोगों का स्वास्थ्य स्तर अच्छा था, वे स्वस्थ थे| क्योकि उस समय बीमारिया कम थी
An Ancient Time People were Healthy
परन्तु
उनका जीवनकाल कम था |
BUT! NO Long Life Span
उम्र के साथ गिरते स्वास्थ्य स्तर का एक अनुमानित रेखा - चित्र |
This is a Approx Health Chart with Age
जब हमारी उम्र बढ़ती है तो हमारा स्वास्थ्य स्तर अच्छा होता जाता है परन्तु कुछ समय के बाद ही हमारा स्वास्थ्य स्तर गिरता चला जाता है हम दुनिया में आते तो स्वस्थ है परन्तु इश्वर के पास जाते अस्वस्थ है
क्यों Why
तो विश्वास नहीं होगा
Unbelievable! शरीर में पानी की मात्रा . . .
मानव शरीर = 75%
मानव मस्तिष्क = 85%
मानव मस्तिष्क = 85%
मानव रक्त प्लाज्मा = 95%
पानी की गुणवत्ता की बात करे तो हम Purity जानते है जो तीसरे नंबर पर आती है|
पहले सीधे नल से पानी लेते थे फिर छन्नी में छान कर लेने लगे फिर एक्वागार्ड (Aqua-guard) आया फिर आर. ओं. (R.O.) आया ,
दुसरे नंबर पर पानी के अन्दर पाए जाने वाले तत्वों की बात करें तो हम ये भी मान लेते है कि वो हमें पूरी तरह प्राप्त होते है (हालांकि हमें बहुत अच्छे से पता है कि सभी प्रकार कि गन्दगी, फक्ट्रियों से निकलने वाले अवशिष्ट पदार्थ भी पानी में जाकर मिलते है ) फिर भी हम मान लेते है कि हमें संपूर्ण तत्व पानी में मिल जाते है
पर अगर पहले नंबर पर आने वाले अलाइनमेंट (सही आकार ) (Alignment of Water) कि अगर बात करें तो कोई नहीं जानता, कोई भी चीज जो हम नहीं जानते इसका मतलब ये नहीं कि वो इस श्रृष्टि में नहीं है| वो होती है उसकी जरुरत पड़ने पर वैज्ञानिक उसकि तलाश करते है और फिर अविष्कार के रूप में हमारे सामने ले आते है|
अलाइनमेंट (सही आकार ) (Alignment of Water) कि अगर बात करें तो यह अति महत्वपूर्ण है जैसे हम कांच के गिलास के लिए एक कीमत अदा कर उसे खरीदते है पर जैसे ही वो थोड़ा सा भी टूट जाता है तब हम उसे फ़ेंक देते है, क्योकि वो हमारे किसी काम का नहीं रहा, ठीक वैसे ही अगर पानी का अलाइनमेंट (सही आकार ) (Alignment of Water) अगर बरक़रार नहीं रहा तब?
हम वैज्ञानिक नहीं है, हम कोई डॉक्टर भी नहीं है, हम तो साइंस के छात्र भी नहीं है, तो फिर आप या कोई भी हमारी इन बातों पर क्यों यकीन करेगा? पर अगर यही बात कोई वैज्ञानिक भी कहे तो आप यकीन कर लेंगे तो इसके लिए आप यह विडियो देखिये जिससे आपको यकीन हो जायेगा
(ये विडियो 2 मिनट 16 सेकेण्ड का है)
(ये विडियो 2 मिनट 16 सेकेण्ड का है)
अब हम जरा सोंचे कि हमें पानी कैसे मिलता है?
How we get water
नदियों में बहने वाले पानी को हम बाँध बनाकर रोक देते है,
फिर हम पाइप लाइन का उपयोग कर उसे ट्रीटमेंट प्लांट तक ले जाते है,
अब दुबारा पाइप लाइन से पानी कि बड़ी टंकी तक पहुंचाते है,
फिर वैसे ही पाइप लाइन से हर क्षेत्र की छोटी - छोटी पानी की टंकी तक पहुँचता है,
वहा से हमारे घर पर आता है,
फिर फ़िल्टर कर हम उसे पीने के उपयोग में लेते है|
अब हम आपसे अगर चालु बिजली के तार को छूने के लिय कहे तो क्या आप हमारा कहा मानेगे? नही क्योकि आपको करंट लगेगा, पर अगर गलती से आपको करंट लग जाये तो आपके साथ क्या होता है आप पीछे की तरफ चले जाते है झटके से, क्योकि हम वो झटका बर्दाश्त नहीं कर सकते, तो जरा सोचो जिन पाइप लाइन से पानी का सफर तय होता है उसमे पम्प करने के लिए कितना ज्यादा बिजली का झटका लगता होगा? जो हमें लगे तो हम तो मर ही जाये तो क्या पानी के वो छोटे - छोटे क्रिस्टल जिनसे पानी का अलाएंमेंट (सही आकार) (Alignment of Water) क्या इतने अधिक बिजली के झटके से यह आकार बरक़रार रहेगा?
Now we will say its normal!
Its going on since so many years
BUT, Unfortunately No!
BUT, Unfortunately No!
अब हम कहेंगे कि ये तो जमाने से चला आ रहा है पर यह सच है
So Let’s
जितना पानी हम पीते है, उसमे से 30% से 35% पानी ही हमारे शरीर की कोशिकाओ तक पहुँचता है, 5% से 10% पानी कोशिकाओ के आस पास किनारों में जाम हो जाता है, यही जाम आगे जाकर मोटापा बढ़ाता है, बाकि बचा पूरा पानी सीधे मूत्र के माध्यम से बाहर आ जाता है
डॉक्टर हमें 4 से 5 लीटर पानी प्रतिदिन पीने के लिए कहते है क्योकि वो जानते है कि हमारे शरीर को 1.5 से 2 लीटर पानी ही मिल सकेगा, जबकि हम लोग 3 से 3.5 लीटर पानी ही पीते है उसमे भी कुछ परिस्थितियों में तो और कम पीते है जैसे
- जब हमें थियटर में फ़िल्म देखने जाना हो,
- जब हमे बस में सफ़र करना हो,
- जब हमें किसी मीटिंग में जाना हो, आदि
What ever we intake in our body after getting energy from it, remains wastage is Toxin
हम उर्जा के लिए जो कुछ भी ग्रहण करते है उसका अपव्यय टोक्सिन (अपशिष्ट पदार्थ) है|
Example-1 as Toxin
Petrol gives Energy,
Smoke is as Toxin
टोक्सिन का एक उदाहरण
पेट्रोल उर्जा देता है और उसका धुआं टोक्सिन है|
Example-2 as Toxin
तो दवा क्या असर करती है?
We inhale Oxygen for Energy,
CO2 (Carbon Dioxide) is as Toxin
टोक्सिन का दुसरा उदाहरण
हम आक्सीजन लेते है उर्जा के लिए और कार्बन डाईआक्साईड टोक्सिन है|
So Now we can Understand that Toxin Removing is Very Important….
अतः हम मानते है कि टोक्सिन की सफाई (निष्कासन) अति महत्वपूर्ण है|
अगर हम आपसे कहे कि आप सिर्फ 20 दिन तक मत नहाइए तो क्या आप हमारी बात मानेंगे? नहीं, पर अगर हम आपसे कल्पना करने कहे तो मान जायेंगे, अब कल्पना कीजिये कि आप 20 दिन से नहीं नहाये है तो आपको कैसा महसूस होगा? लगभग पूरी तरह से बीमार, किसी काम में मन नहीं लगेगा आपके शरीर में जगह - जगह खुजली होगी,
और फिर हम आपसे कहे कि आप 1-2 बाल्टी पानी से नहा लीजिये तो नहाने के तुरंत बाद आपके अन्दर काम करने कि शक्ति आ जाएगी आपमें फुर्ती आ जाएगी, तो जरा सोचिये उस 15-20 लीटर पानी ने ऐसा क्या कर दिया जिससे नहाने से आप शक्तिमान बन गए? उस पानी से आपके शरीर के बाहरी हिस्से में जितनी गंदगी थी वो साफ हो गई,
तो क्या हमारे शरीर के अन्दर कि गन्दगी साफ करना जरुरी नहीं है? आपको पता है हम नहाने के लिए जितना पानी इस्तेमाल करते है उसमे से लगभग 1 लीटर पानी हमारे शरीर के अन्दर आ जाता है| तो क्या कोई भी व्यक्ति नहाने के लिए अक्वागार्ड या आर ओं का पानी उपयोग में लाता है? नहीं |
अगर हम आपसे कहे कि एक मग पानी से आप नहाइए तो क्या आप उतने पानी से अच्छे से नहा सकेंगे? नहीं!, तो फिर जरा सोचिय 35% पानी से हमारे शरीर के 100% गंदगी (टोक्सिन) कैसे साफ हो सकती है?
So How can Cell Remove 100% Toxin with 35% Water
Remain Toxin Be a Founder of Disease It Starting Come Out Through
बचे हुए टोक्सिन बीमारी कि नीवं रखते है और बाहर निकलने के लिए कुछ तरीके इस्तेमाल करते है: जैसे
Headache
सर में दर्द ...
Pain
हाथ पैरो में दर्द ...
Cold
जुकाम ...
Fever
बुखार ...
So what we do for That?
Simple We Take any Medicine with Dr. Prescription or without It.
इन समस्याओ के लिए हम क्या करते है?
इन समस्याओ के लिए हम क्या करते है?
हम डॉक्टर के परामर्श या उसके बिना ही दवा ले लेते है|
But can Medicine Remove Toxin?
पर क्या दवाइया टोक्सिन निकाल सकती है?
नही
Then What Medicine will Do?
Medicine will Block the Toxin
दवाइया टोक्सिन को दबा देती है
Then What Happen?
After Exceed of Toxin we Face Big Diseases
उसके बाद क्या होगा?
वो दबे हुए टोक्सिन बड़ी बीमारी बनकर बाहर आते है|
अब हम हम बात कर रहे है (H2O) 37
क्या आप जानते है लिविंग वाटर, या स्ट्रक्चर वाटर या स्प्रिंग वाटर के बारे में?
लिविंग वाटर
मतलब जिन्दा पानी, अगर एक इन्सान के शरीर में कोई प्रतिक्रिया (Movement) ना हो तो हम उसे जिन्दा नहीं कहेंगे और अगर हो तो जिन्दा कहेंगे
हमारे घर पर लाइट आ रही है या नहीं ये बात हम टूयूब लाइट या पंखा चालू करके पता करेंगे या टेस्टर लगा कर
ठीक वैसे ही आपके घर में जो पानी आप पीते है वो जिन्दा है या नहीं उसे आप पता कर सकते है
तरीका हम आपको बताते है,
आप 2 कटोरी में थोडा - थोडा नमक लीजिये
2 कटोरी में थोडा - थोडा नींबू का रस लीजिये
आप सोचेंगे नमक और नींबू ही क्यों?
तो इस लिए क्योकि इनका तीखापन आप तुरंत पहचान जायेंगे,
फिर आप चार गिलास पानी से भर कर ऐसे रखिये जैसे निचे दी गई फोटो में दिखाया गया है
अब इन चार गिलास के घेरे में एक कटोरी नमक की और एक कटोरी नींबू की रख दीजिये दूसरी कटोरी नमक और नींबू की इस घेरे के बाहर रखिये, और इसे 20-25 मिनट के लिए छोड़ दीजिये उसके बाद दोनों को टेस्ट करके देखिये पहले घेरे अन्दर रखे नमक का टेस्ट करिए फिर बहार रखे नमक का ठीक ऐसे ही नींबू का भी, अगर अन्दर रखे नमक और नींबू का टेस्ट बाहर रखे नमक और नींबू से अच्छा हो जाता है मतलब आप जो पानी पी रहे है वो जिन्दा है (लिविंग वाटर है) अन्यथा नहीं,
स्ट्रक्चर वाटर का मतलब है अलाइनमेंट (सही आकार) Alignment of Water जिसकी चर्चा हम पहले कर रहे थे
और स्प्रिंग वाटर का अर्थ होता है वो पानी जो सीधे पहाड़ो से निकलता है जैसे "गंगा जल",
गंगा जल कभी ख़राब नहीं होता क्योकि उसके अन्दर अच्छे बेक्टीरिया होते है जो गंदे बेक्टीरिया को खा जाते है, जैसे गावं में कुँए का पानी उपयोग में लाया जाता है जबकि हम कहते है ठहरा हुआ पानी पीने योग्य नहीं होता पर, कुँए के पानी में मेंढक होते है वो बुरे बेक्टीरिया को खा जाते है इसलिए गावं वाले कुँए का पानी पी सकते है,
पानी की अहमियत सिर्फ हमारे हिन्दू धर्म में ही नहीं बल्कि हर धर्म में है, मुसलिम लोगो में इसे "जम जम का पानी" कहते है, क्रिछ्चन में "होली वाटर" कहते है इन सभी पानी की खासियत यही होती है की ये पानी बहुत दिनों तक ख़राब नहीं होता,
यह जिन्दा या स्ट्रक्चर पानी कोशिकाओ में 100% ज्यादा है और 100% टोक्सिन बाहर निकलता है,
कोशिका क्या होती है और उसमे पानी की क्या अहमियत होती है ये जानने के लिए नीचे दिए हुए विडियो को देखे
(यह विडियो 2 मिनट 50 सेकेण्ड का है)
शरीर के अन्दर अनगिनत कोशिकाए होती है जिसे (सेल) कहते है हर सेल के अन्दर डी.न.ए. होता है दवाइया डी.न.ए. तक नहीं पहुँच पाती, ये डी.न.ए. हमारी थूक में हमारे कटे हुआ बालों में, कटे हुआ नाख़ून में हमारी फिंगर प्रिंट्स में भी होता है, इसी डी.न.ए. से पता चलता है की हमारे पूर्वज कौन थे हम किसकी संतान है और कौन हमारी संतान है? अब आपको कोशिका (सेल) के सफाई का महत्व ज्ञात हो गया होगा? खैर आपने जो अभी ये विडियो देखा वो पूरा साइंस की भाषा में था एक साधारण आदमी की समझ से परे था
इसलिए हम एक दूसरा विडियो नीचे दिखा रहे है जिसे सब आसानी से समझ पाएंगे,
(यह विडियो 4 मिनट 32 सेकेण्ड का है जिसमे शुरू के 2 मिनट 15 सेकेण्ड अति महत्वपूर्ण है)
उपरोक्त विडियो में जो दिखाया गया उस बारे में चर्चा करते है, स्किन सेल होते है जैसे हमारे बदन पर चींटी चलती है तो हमें महसूस हो जाता है क्योकि स्किन सेल हमें बताते है, दूसरा इस विडियो में उसने कहा परफेक्ट राव मटेरिअल मतलब हम जो खाते है वो तो परफेक्ट राव मटेरिअल है क्योकि वो बहुत उच्य क्वालिटी का होता है आयल भी अच्छा और महंगा होता है पर पानी? आप जिस भी शहर में रहते है वहां खून जांच की कितनी लैब होंगी बहुत पर क्या आपको पता है आपके शहर में पानी जांच की लैब कितनी है और कहाँ है? नहीं!
जबकि वही पानी सबसे महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है हम जो कुछ भी खाते है उसे तरल रूप में पानी ही बनाता है, जैसे खारे पानी में कोई भी चीज जल्दी नहीं घुलती ठीक वैसे ही अगर जिन्दा स्ट्रक्चर पानी हो तो वो उस भोजन को अच्छे से तरल बनाकर कोशिकाओ तक पहुंचाता है
हमारे में एक कहावत है जैसा अन्न वैसा मन
पर ऐसा नहीं है जैसा पानी पियेंगे वैसे ही हम बनेंगे
संशिप्त में कोशिका शरीर की जड़ है और किसी भी समस्या को अगर जड़ से ठीक कर दे तो वह समस्या रहती ही नहीं है,
So, what is the solution?
अब आप कहेंगे हमने तो आपको विचलित कर दिया डरा दिया अब इसका हल क्या है वो भी हमें बताना चाहिय,
1. Stay next to springs
एक तरीका पहाड़ो के बीच जाकर बस जायें
2. Buy the spring water or glacier water on daily basis
दूसरा तरीका दैनिक दिनचर्या के लिय महंगा स्प्रिंग वाटर ख़रीदे जो मल्टीनेशनल कंपनी का है जो भारत में मिलता ही नहीं है, पर फिर भी भारत की कुछ 7 सितारा होटल वाले इस पानी को मंगाते है जिसकी कीमत भारत में 150/- रु प्रति लीटर है और विदेश में इसकी कीमत लगभग 500/- रु प्रति लीटर है,
3. ????????
Is there any other way? Which I can afford or Possible for me Like:-
और कोई तरीका जो हम कर सकें जो हमारे बस में हो,
Convert the available water to spring water at home
जैसे कोई ऐसा तरीका जिससे हम घर में ही स्प्रिंग वाटर बना सकें,
It’s possible after more then 25 Years of Research on Water Here is a Video Clip from 1 of them
25 वर्षो से भी अधिक समय की रिसर्च के बाद यह संभव हो सका है, जिसका एक विडियो नीचे है,
(यह विडियो 5 मिनट 34 सेकेण्ड का है)
Dr. Ian Lyons, Germany, Dr. Masaru Emoto, Japan, एवं उनके साथी जिन्होंने इसे संभव बनाया, उन्होंने पता लगाया पूरी दुनिया में 14 स्प्रिंग Mountain है उन्होंने देखा कि पहाड़ में रहने वाले लोग कम बीमार पड़ते है, वहा हॉस्पिटल भी कम होते है वहा के लोगो में उर्जा भी बहुत होती है, फिर उन्होंने देखा कि वहा के पानी में अलग अलग मिनरल्स है, तब उन्होंने उन मिनरल्स से एक फार्मूला बनाया जिससे स्प्रिंग वाटर बना सके, और उस पारसमणि का नाम रखा BIO DISC इसे बनाने के लिय उन्होंने नैनो टेक्नोलोजी का उपयोग किया, इसे बनाने के लिए उन्होंने 13 मिनरल्स को 3000 डिग्री के तापमान पर ले जाकर उसे ठोस आकर दिया,
जब शुरू में BIO DISC आई थी तो लोग ऐसे ही पानी बनाते थे जैसे प्राचीनकाल में लोग नदी से, कुँए से, तालाब से, बाल्टी में पानी भर कर लाते थे पर अब हर घर में नल लग गए है तो अब कोई भी बाहर से पानी लाना पसंद नहीं करेगा ठीक ऐसे ही जब तक कोई तरीका नहीं मिला था लोग ऐसे ही अपने हाथ से BIO DISC का पानी बनाते थे,
Then we have a Great News that a Company www.biodiscaccessories.org from Mumbai has Solve this Problem
तो अब एक खुशखबरी है मुंबई की एक कंपनी www.biodiscaccessories.org ने इस समस्या का हल निकाल दिया उन्होंने एक ऐसा डिस्पेंसर बनाया है जिससे पानी अपने आप चार्ज हो जाता है उसका एक विडियो नीचे है
(विडियो 1 मिनट 28 सेकेण्ड का है
ऊपर दिखाई गई फोटो में जो सबसे ऊपर है वो बिना चार्ज (DEAD WATER) है उसे जब एक बार BIO DISC पर चलाया गया तो उसके नीचे वाले फोटो जैसा बन गया फिर दुबारा BIO DISC पर चलाया गया तो सबसे नीचे वाले फोटो जैसा बन गया,
मतलब जितने बार BIO DISC पर पानी को चलाएंगे उतना वो फाइन होता चला जायेगा,
Blood Cells before Drinking Structured Water
चार्ज पानी पीने के पहले रक्त कोशिकाओ की स्थिति
Blood Cells After Absorbing Structured Water
चार्ज पानी पीने के बाद रक्त कोशिकाओ की स्थिति
इस विडियो में बताये गए इलेक्ट्रिकल चार्ज का मतलब है है सेल 70 से 75 मिली वाट बिजली बनाता है, कैंसर के मरीज के सेल 15 से 20 मिली वाट बिजली ही बना सकते है, दूसरा इस विडियो में पी एच. के बारे में कहा गया है हर एक का पी एच होता है, पी एच लेवल 1 से 14 तक होता है साधारण अवस्था में पी एच लेवल 7.4 कम से कम होना चाहिए, इसी के एक टेस्ट की रिपोर्ट जो मुंबई से ली गई है|
Doctors used Infrared Light for Treatment
पहले डॉक्टर सेकाई के लिय इन्फ्रारेड लाइट का उपयोग करते थे पर अब नहीं करते है क्योकि इसके बहुत साइड इफेक्ट होते है, ये काम भी BIO DISC करती है वो भी बिना साइड इफेक्ट के,
(12 सेकेण्ड का यह विडियो देखें)
तो अब एक और खुशखबरी है मुंबई की एक कंपनी www.biodiscaccessories.org ने इस समस्या का हल भी निकाल दिया उन्होंने एक ऐसी टोर्च बनायी है जो अपने आप घुमती है उसे घुमाना नहीं पड़ता उसका एक विडियो नीचे है
(विडियो 1 मिनट 56 सेकेण्ड का है
रेडीएशन के बारे में हम जानते है, जब किसी स्पीकर के सामने हमारा मोबाइल बजता है तब स्पीकर में रेडीएशन का असर सुनाई पड़ता है, जब हम लैंडलाईन टेलीफोन से बात कर रहे होते है तब अगर हमारे आस पास किसी का मोबाइल बजता है तो उसका असर हमें टेलीफोन पर सुनाई पड़ता है,
हम अक्सर छोटे बच्चो के कान के पास मोबाइल फोन रख देते है ताकि वो बच्चा दादा दादी, नाना नानी, या किसी भी रिश्तेदार से बात कर सके परन्तु हम ये नहीं जानते की 5 साल तक के बच्चे का दिमाग 1/2 एमएम का होता है जिसमे 2 मिनट मोबाइल में बात करने से 80% से 90% रेडीएशन उसके दिमांग में चले जाते है ऊपर दिखाई, गई फोटो के अनुसार, और अगर इस रेडिएशन के कारण बच्चे की सुनने, बोलने या किसी और चीज़ की शक्ति अगर चली जाती है तो हमें इस बात का पता बाद में पड़ता है तब हम भगवान को दोष देते है,
नासा में जिनको अंतरिक्ष यात्रा का प्रशिक्षण दिया जाता है उनका पहले एक टेस्ट कराया जाता है जिसे प्रोग्नो टेस्ट कहते है ये एक बहुत बड़ा टेस्ट है, इसे पास करना बहुत बड़ी बात है, सच का सामना सीरियल में दिखाई गई मशीन इसी का एक छोटा रूप थी, इसमें एक आदमी का टेस्ट किया गया तो वो सिर्फ नेगेटिव ही सोच रहा था हर आदमी सिर्फ नेगेटिव ही सोचता है फिर उस आदमी को BIO DISC का पानी पिलाए फिर दुबारा टेस्ट लिए तो वो पोजिटिव सोचना चालू कर दिया,
हर जीवित जीव का एक ओरा होता है, जैसे भगवन की फोटो में उनके सर के पीछे जो तेज दिखता है वो ओरा होता है, प्राचीनकाल में जो दिव्य पुरुष हुआ करते थे उन्हें ओरा दिखता था इसी से वो पता कर लेते थे कि कौन अच्छा व्यक्ति है और कौन नहीं, आज कल इसका एक कैमरा आ गया है जिससे निकले फोटो को किर्लियन फोटोग्राफी कहते है, जो आदमी अच्छा होता है उसके ओरा में लाइट कलर ज्यादा होते है और डार्क कलर कम,
BIO DISC ओरा भी अच्छा बनाती है,
आदमी के 7 चक्रास होते है BIO DISC उनका भी संतुलन बनाती है,
Call me for more Detail on 098261-17577
अधिक जानकारी के लिय फोन करें 098261-17577
TESTIMONY
लोगों का BIO DISC के प्रति अनुभव
श्री जसबीर सिंह जी जो एक व्यवसायी है उन्हें 7-8 साल से अस्थमा की समस्या थी
(यह विडियो 25 सेकेण्ड का है)
श्री हीरालाल जी जिनकी उम्र 78 वर्ष है इन्हें ब्लड प्रेशर, गाँठ एवं प्रोस्टेट की समस्या थी
(यह विडियो 1 मिनट 24 सेकेण्ड का है)
श्रीमती सुमन वर्मा जो एक गृहणी है इन्हे मकड़ी के इंफेक्शन से लाल धब्बे हो गए थे, तथा इन्हे थकान भी हुआ करती थी
(यह विडियो 1 मिनट 35 सेकेण्ड का है)
श्रीमती सुनीता जो इन्हें 5 वर्षो से सीवियर बेक पेन था, सुस्ती एवं नींद की भी समस्या थी
(यह विडियो 1 मिनट 48 सेकेण्ड का है)
श्री सिद्धार्थ पानी जो एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करते है इन्हें सफ़ेद दाग की समस्या थी एवं इनका एक हाथ ठीक से काम करना छोड़ दिया था
(यह विडियो 1 मिनट 59 सेकेड का है)
श्री शशिकांत पात्र जो झारसुगड़ा के भूषण स्टील प्लांट में इंजीनियर के पद पर कार्यरत है, जब ये 15 वर्ष के थे तब से इन्हे मिर्गी का अटैक आता था
(यह विडियो 2 मिनट का है)
डॉ. जे.सी. दास जिनका कोलेस्ट्राल लेवल दुनिया में सबसे से ज्यादा था इनका कोलेस्ट्राल लेवल 2550 था, इनको स्वारिसेस (छालरोग) की समस्या भी थी, और अब इनको स्कोर्पियो गाड़ी की एवरेज भी ज्यादा मिलने लगी है
(यह विडियो 2 मिनट 2 सेकेण्ड का है)
श्री संजय पानी जो एक एडिशनल पब्लिक प्रोसिक्यूटर है, इनको 1995 से सर्वाइकल स्पोंडीलाइटीस की समस्या थी
(यह विडियो 2 मिनट 27 सेकेण्ड का है)
लकवे का मरीज
(यह विडियो 4 मिनट 10 सेकेण्ड का है)
(यह विडियो 25 सेकेण्ड का है)
श्री हीरालाल जी जिनकी उम्र 78 वर्ष है इन्हें ब्लड प्रेशर, गाँठ एवं प्रोस्टेट की समस्या थी
(यह विडियो 1 मिनट 24 सेकेण्ड का है)
श्रीमती सुमन वर्मा जो एक गृहणी है इन्हे मकड़ी के इंफेक्शन से लाल धब्बे हो गए थे, तथा इन्हे थकान भी हुआ करती थी
(यह विडियो 1 मिनट 35 सेकेण्ड का है)
श्रीमती सुनीता जो इन्हें 5 वर्षो से सीवियर बेक पेन था, सुस्ती एवं नींद की भी समस्या थी
(यह विडियो 1 मिनट 48 सेकेण्ड का है)
श्री सिद्धार्थ पानी जो एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करते है इन्हें सफ़ेद दाग की समस्या थी एवं इनका एक हाथ ठीक से काम करना छोड़ दिया था
(यह विडियो 1 मिनट 59 सेकेड का है)
श्री शशिकांत पात्र जो झारसुगड़ा के भूषण स्टील प्लांट में इंजीनियर के पद पर कार्यरत है, जब ये 15 वर्ष के थे तब से इन्हे मिर्गी का अटैक आता था
(यह विडियो 2 मिनट का है)
डॉ. जे.सी. दास जिनका कोलेस्ट्राल लेवल दुनिया में सबसे से ज्यादा था इनका कोलेस्ट्राल लेवल 2550 था, इनको स्वारिसेस (छालरोग) की समस्या भी थी, और अब इनको स्कोर्पियो गाड़ी की एवरेज भी ज्यादा मिलने लगी है
(यह विडियो 2 मिनट 2 सेकेण्ड का है)
श्री रेणु दास जो एक प्रिंसिपल है इन्हे कब्ज की समस्या थी
(यह विडियो 2 मिनट 16 सेकेण्ड का है)
श्री संजय पानी जो एक एडिशनल पब्लिक प्रोसिक्यूटर है, इनको 1995 से सर्वाइकल स्पोंडीलाइटीस की समस्या थी
(यह विडियो 2 मिनट 27 सेकेण्ड का है)
कोड़ (SKIN DISEASES) जिसका इलाज करने डॉक्टर तक मना कर दिए
(यह विडियो 4 मिनट 12 सेकेण्ड का है)
लकवे का मरीज
(यह विडियो 4 मिनट 10 सेकेण्ड का है)









































































































